सरकार निर्धारण कर्लक अनुदान रकम उपलब्ध निकरिलक कति तराई–मधेशके गन्ना किसानहुक्र काठमाडौं केन्द्रित प्रदर्शन कर्ल बाट।
सरकार बजेट अभाव देखैती किसानहुकन देती अइलक अनुदान रकम प्रतिक्विन्टल ७० रुप्या से आधा घटाक ३५ रुप्याम झार्क निर्णय कर्क किसानहुक्र काठमाडौं केन्द्रित आन्दोलन क्रलक हुइत।
गन्ना उत्पादक महासंघके नेतृत्वम प्रदर्शनके लाग काठमाडौं अइलक किसानहुक्र गौशालासे नारा–जुलुससहित माइतीघर मण्डला ओहर आघ बढल बाट ।
किसानहुक्र सरकारहन प्रतिक्विन्टल ७० रुप्याके दरसे अनुदान तत्काल भुक्तानी क्रर्ना माग धर्ल बाट ।
महासंघके संयोजक श्यामबाबु रायके अनुसार चिनी उद्योगहुक्र किसानहुकन देहपर्ना प्रतिक्विन्टल ५८५ रुप्या भुक्तानी कैसेकल बाट, तर सरकार देना कबुल कर्लक अनुदान निपाइत सम किसानहुक्र ड्गरम उत्रना बाध्य हुइल बाट। ‘सरकार हमार गन्नाके रेट तय कैक आजके दिनम एकाएक मनमानी ढंगसे हटाइ नैमिली,’ संयोजक राय कल, ‘राज्य अप्पने गन्नाके भाउ निर्धारण करि, अनि आब्ब पैसा निदेक सुख पही ? हम्र किसान निमुबी ?’
उहाके अनुसार आन्दोलनम कोशीसे सुदूरपश्चिम प्रदेशसम्मके किसानहुकनक सहभागिता बा ।
विशेषगरी सुदूरपश्चिम प्रदेशके कैलाली कञ्चनपुर व सिराहा, महोत्तरी, सर्लाही, रौतहट, बारा, पर्सा व नवलपरासीके हजारौं किसानहुक्र प्रदर्शनम सहभागी हुइल राय जानकारी देल ।
हुक्र आब्ब सिंहदरबार क्षेत्र हुइती माइतीघर ओहर बहड्ती बाट । महासंघ तत्कालके लाग चार दिने आन्दोलन कार्यक्रम घोषणा कर्ल बाट।
‘यदि सरकार हामार माग आझुह पूरा करि त हम्र एक्क दिनम आन्दोलन फिर्ता लेना तयार बाटी,’ राय कल, ‘तर, यदि चार दिनभित्र फेन माग पूरा निहुइत फेन हम्र ओर चरणके कार्यक्रम घोषणा कर्बी । जबसम्म माग पूरा निहुइ, हम्र आन्दोलन छोड्नेवाला निहुइती ।’
किसानहुक्र आपन माग पूरा निहुइतसम्म काठमाडौं निछोड्ना व शान्तिपूर्ण प्रदर्शनहन निरन्तरता देना बताइल बाट।
सरकार बजेट अभाव हुइलक व स्रोत जुटाउन निसेक्लक कति किसानहुकन प्रतिक्विन्टल गन्नाम देती अइलक ७० रुप्या बराबर अनुदान आधा घटाक ३५ रुप्याम झर्ल बा।
कृषि व पशुपन्छी विकास मन्त्रालय गन्ना किसानहुकन गत वर्ष देलक सरह प्रतिक्विन्टल अनुदान ७० रुप्या तोक्क मन्त्रिपरिषदम प्रस्ताव पठाइल रह ।
तर, मन्त्रिपरिषद् उ प्रस्ताव अनुमोदन नि कैक किसानके अनुदान कटौती कैक ३५ रुप्या देना प्रस्ताव स्वीकृत करल रह ।
सरकार अनुदान कटौतीके रकम मान्य निहुइना कति किसानहुक्र आपत्ति जनैती आइल रलह ।
आर्थिक वर्ष २०८१/८२ म देशके १३ थो चिनी मिलम किसानहुकनक २ करोड १५ लाख क्विन्टल गन्ना बेचल रलह ।
यीअनुसार सरकार किसानहुकन करिब १ अर्ब ६० करोड रुप्या भुक्तानी देना बाँकी बा ।